Showing posts with label AILRSA. Show all posts
Showing posts with label AILRSA. Show all posts

Friday, August 16, 2013

रेलवे की कर्मचारियो के प्रति जमीनी हकीकत

फायर-मई -२०१३ 
प्रकाशन स्थल - कोटा / राजस्थान 

नेशनल औधोगिक ट्रिब्यूनल  से समाचार  । 

१८ अप्रैल २०१३ को इस ट्रिब्यूनल में सुनवाई थी । लेकिन सुनवाई नहीं हो सकी थी क्युकी जज साहब छुट्टी पर थे । सुनवाई की अगली तारीख १७ मई २०१३ को निर्धारित की गयी थी । इस दिन रेलवे के तरफ से दो वकील और चार excutive डायरेक्टर उपस्थित हुए थे । शुरुआत में  रेलवे ने कहा की आल इण्डिया लोको रनिंग स्टाफ असोसिएसन , एक असोसिएसन है और  इस ट्रिब्यूनल में नहीं आना चाहिए था , तब एम.एन. प्रसाद /महासचिव / ऐल्र्स ने सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश दिखाए जिसमे कहा गया है  कि असोसिएसन की बात सुनने और  समस्याओ के निराकरण के लिए प्रशासन कभी मना नहीं करेगा तथा यथा संभव समस्याओ का निदान करेगा । क्युकी असोसिएसन ट्रेड यूनियन एक्ट के तहत रजिस्टर्ड होते है । 
रेलवे बोर्ड के निर्देशकों की इस बात को ट्रिब्यूनल अध्यक्ष ने भी , इसे श्रम मंत्रालय में दखल मानते हुए आपत्ति जताई । 

दूसरा -एम्,एम्,प्रसाद जी ने  रेलवे द्वारा गठित २५ मई २०१३ की  एम्पोवेर कमिटी को सिर्फ एक धोखा बताया जिस पर जज साहब ने अपनी सहमति जताई तथा रेलवे बोर्ड के EDs से इसे डिसमिस करने के लिए कहा । रेलवे तीन बड़ी फाइल लेकर आई थी । ऐल्र्स उसकी अध्ययन करके १५ जुलाई २०१३ को अपनी पक्ष रखेगा । 

यह है रेलवे की कर्मचारियो के प्रति जमीनी हकीकत । न करेंगे और न सुलझाएंगे । 

Saturday, June 29, 2013

आल इण्डिया लोको रंनिंग स्टाफ असोसिएसन के केन्द्रीय कार्यकारिणी की बैठक नयी दिल्ली में


आल इण्डिया लोको रंनिंग स्टाफ असोसिएसन के केन्द्रीय कार्यकारिणी की बैठक नयी दिल्ली में दिनांक  ८ अगस्त २ ० १ ३ को बुलाई गयी है । इस बावत अधिसूचना सभी पदाधिकारियों को जारी कर दी गयी है । यह सभा सुबह साढ़े नौ बजे सुबह शुरू होकर , रात  आठ बजे ख़त्म होगी । इस अंतराल में एक घंटे की लंच ब्रेक होगी । 

इस बैठक में फायर मैगजीन के संपादको और सलाहकारों को भी विशेष तौर पर बुलाया गया है । जिससे इसके सर्कुलेसन और विकास पर चर्चा हो सके ।कामरेड हरचरण सिंह को  विशेस रूप से निमंत्रित किया गया है , जो ऐलरसा के इतिहास को लिख रहे है । 

इस सभा में विशेष चर्चा के विषय -
१. रेलवे संघटनो के लिए हुए मतदान और हमारे योगदान और हमारे संगठन पर पड़ने वाले असर । २ .राष्ट्रिय औधोगिक ट्रिब्यूनल और अब तक की सफलता । 
३ .संगठनिक सदस्यता और केन्द्रीय कोटा । 
४ .बिसवा अखिल भारतीय बिजियम -जो २ ० १ ४  में होने है । 
५ .संगठनिक अवस्था और हमारे दायित्व । 
६ .आल इण्डिया गार्ड काउन्सिल के साथ बनी जॉइंट कमिटी और उसके कार्य की मूल्यांकन ।     

( जैसा पत्र प्राप्त हुआ है    



Saturday, June 1, 2013

मोटरमैन की ड्यूटी पर मृत्यु

दिनांक - २ ३ मई २ ० १ ३  चेन्नई 

मनोहर मोटरमैन / चेन्नई दोपहर ० ३ .४ ० बजे के आस - गुम्मिदिपुंदी एम.एम.सि -यि.एम्य़ु लेकर जा रहे थे ।  एक सौ यात्री सवार  थे । अचानक उनकी तवियत ख़राब हो गयी । सर में चक्कर आने लगा  और वे कैब के अन्दर ही गिर पड़े । स्वचालित फ्लाषर बत्ती जलने लगी । विपरीत दिशा से एक लोकल आ रही  थी । उस मोटरमैन ने फ्लाषर बत्ती देख लोकल ट्रेन को रोक दी और अपने गार्ड के साथ , उस कैबिन को गएँ । 

मोटरमैन मनोहर की शारीरिक दशा ठीक नहीं थी । उन्हें तुरंत पेरम्बूर रेलवे अस्पताल को रेफर किया गया , जहाँ डॉक्टर मनोहर को मृत घोषित कर दिए  । मनोहर की उम्र ४ ८ वर्ष थी । पिछले दशक के दौरान यह तीसरी घटना है , जब मोटरमैन ड्यूटी में मृत घोषित किये गए । स्वचालित ब्रेक की वजह से सभी यात्रियों की जाने बच  गयी ।  मनोहर नेमिचेर्री के रहने वाले थे । 

इस दुखद दुःख  में आल इण्डिया लोको रनिंग स्टाफ असोसिएसन उनके परिवार के साथ है । 

इस तरह के घटनाओ के बढ़ने का मुख्य  कारण - काम के बढ़ते दबाव है । मोटरमैन और लोको पायलटो के  पदों का न  भरा जाना भी है । आज लोको पायलटो की हालत दयनीय होती जा रही है । आखिर ये सब कब तक चलता रहेगा ? 

Wednesday, April 17, 2013

आल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएसन तथा आल इंडिया गार्ड काउन्सिल का रेलवे के यूनियन के मान्यता के चुनाव से बहिष्कार |


ज्वाइंट एक्शन कमेटी

सभी रेल कर्मचारी और साथियों , रनिंग स्टॉफ (गार्ड एवं लोको पायलट) के साथ साथ रेल्वे की यूनियन की मान्यता के चुनाव का बहिस्कार करें। क्यों कि कोई भी संगठन जो मान्यता के चुनाव मे खड़ा है वह मान्यता के चुनाव मे जीतकर आने के बाद भी कर्मचारियों के हित मे हड़ताल नही कर सकता। ऐसा रेल्वे ने इन से लिखकर ले लिया है। इसका विरोध चुनाव लड़ने वाले सभी संगठनों को करना चाहिये था, लेकिन इन्होने ऐसा नही किया। इसमे इनके मजदूर मसीहाओं का स्वार्थ है। साथियों वोट डालने से पहले कृपया निम्न बिंदुओं पर विचार करें: -
1.रेलवे  कर्मचारियों के सेफ्टी वी. आर. एस. स्कीम मे किसी भी रेल्वे कर्मचारी का बच्चा फिट नही बैठ रहा है, जिससे वह नौकरी मे नही लग पा रहा है। सेफ्टी कटेगरी सेफ्टी स्वेच्छा सेवानिवृत्ति के लिये शर्त लोकोपायलट उम्र 55 से 57 वर्ष एवं 33 साल की सेवा तथा अन्य के लिये उम्र 50 से 57 वर्ष एवं 20 साल की सेवा तथा ग्रेड  पे 1800 से 1900 ही होना चाहिये इससे ज्यादा नही। अभी मान्य दोनो संगठनो ने दोनो की शर्त एक जैसी क्यों नही करवायी?
 २. यूनियन की मान्यता के वोट लेने के लिये यह प्रलोभन दिया जा रहा है कि सभी रेल कर्मचारियों के बच्चों को नौकरी दी जायेगी। यह संभव नही है क्यों कि दोनो संगठन ठेकेदारी प्रथा को रोक नही पा रहे है बल्कि ठेका मजदूर यूनियन चला रहे हैं।

3.     वाणिज्य (Commercial) विभाग मे रिजर्वेशन साधारण टिकिट का कार्य प्रायवेट एजेंटों को दिया जा रहा है। MOH, POH मे अधिकतर कार्य (रिपेयरिंग, असेंबली) ठेके पर दिये जा रहे हैं। रनिंग स्टॉफ के रनिंग रूम, CMS पर बुकिंग आदि कार्य ठेके पर दिये जा चुके हैं। इंजीनियरिंग के कार्य, सफाई कार्य, पेंट्रीकार, एस. एल. आर. सभी ठेके पर चल रहे हैं।

4.     रनिंग कर्मचारी विरोधी RAC-2002 की रिपोर्ट दोनो मान्यता प्राप्त संगठनो के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर बनाई गई थी जो रनिंग स्टॉफ की एकता एवं जबर्दस्त विरोध के कारण लागू नही हो पायी।

5.     माइलेज का फार्मूला 6 वें वेतन आयोग के बाद दोनो मान्यता प्राप्त संगठनो के प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर से समाप्त करने की साजिश रची गई तथा माइलेज सिर्फ दो गुना किया गया जब कि यात्रा भत्ता मे तीन गुने से भी ज्यादा की वृद्धि हुई।

6.     दोनो मान्यता प्राप्त संगठनो की वजह से 30% वेतन तत्व खत्म करने की साजिश रची गई।

7.     दिनांक 25.03.2013 को एक नयी “रनिंग एलाउंस कमेटी बनायी गई ताकि 30% वेतन तत्व, 55% रिटायर्मेंट सुविधा को कम किया जा सके। अभी तक जितनी भी कमेटियां बनायी गई उन्होने रनिंग कर्मचारियों का नुकसान ही किया है जब कि कमेटी कर्मचारियों के फायदे के लिये बनायी जाती हैं।

8.     रनिंग स्टॉफ के संघर्ष के परिणाम स्वरूप भारत सरकार ने “नेशनल इंडस्ट्रियल ट्रिब्युनल (NIT) का गठन किया जिसका दोनो मान्यता प्राप्त संगठनो ने विरोध किया।

9.     रनिंग स्टॉफ के मेडिकल अनफिट स्टॉफ को दूसरे विभाग मे नियुक्ति देने पर दोनो मान्यता प्राप्त संगठनो द्वारा विरोध किया जाता है।

10.                        रेल्वे बोर्ड का पत्र क्र. 142/2012 मे MACPS के लिये अगले ग्रेड पे को नही दिये जाने का उल्लेख है, जब कि माननीय CAT, अर्नाकुलम बेंच ने अगले ग्रेड पे दिये जाने का आदेश दिया है। दोनो मान्यता प्राप्त संगठनो द्वारा इस पत्र का विरोध नही किया गया जब कि अन्य विभागों एकाउंट, मेडिकल के कर्मचारी अगला ग्रेड पे ले रहे हैं।
11.                        दिनांक 12.06.2012 के सदस्य यांत्रिक के SPAD रोकने के बारे मे दिये गये निर्देशों को अभी तक लागू क्यों नही कराया जा सका?

12.                        रनिंग स्टॉफ को अभी तक इंटेंसिव कटेगरी मे क्यों घोषित नही कराया जा सका जब कि श्रम मंत्रालय ने इंटेंसिव कटेगरी मे घोषित करने का आदेश दिया है?

13.                        रेल्वे मे लाखों पद खाली पड़े हैं उन्हे भरवाने मे नाकाम रहकर रेल कर्मचारियों के बच्चों को नौकरी दिलाने के वादे कैसे किये जा रहे हैं?
.
14.                        ट्रैकमैन के लिये रेल्वे बोर्ड ने एक आदेश जारी किया है कि वह किसी भी विभागीय परीक्षा मे भाग नही ले सकता, इस आदेश का विरोध क्यों नही किया गया?

15.                        न्यू पेंशन स्कीम 2004 से लागू है 13 वर्षों मे इसे बन्द क्यों नही करा पाये जब कि उस कमेटी मे JCM के दो सदस्य हैं।

16.                        रनिंग स्टॉफ पैसे की लड़ाई नही लड़ता बल्कि अपने आत्मसम्मान की लड़ाई लड़ता है।

साथियों पुरानी एक कहानी यहां सच साबित होती है कि ‘एक ट्रक भरकर कुल्हाड़ियां जा रही थी जिससे सारा जंगल डर गया। लेकिन एक बूढा पेड़ बोला, डरने की जरूरत नही है जबतक हममे से कोई गद्दार लकड़ी का डण्डा कुल्हाड़ी मे नही लगेगा कोई हमारा कुछ नही बिगाड़ सकता। तो साथियों गद्दारों को पहचानिये और मजदूर विरोधी मतदान का विरोध करिये, ऐसा आव्हान ज्वाइंट एक्शन कमेटी (AILRSA एवं AIGC) करती है       
( कॉम.गिरिराज शर्मा / कोटा ने इ - मेल द्वारा भेजी है ) 
                   
                                                                                         

Monday, April 15, 2013

why not be Alert always..?..

BE ALERT

KNOW THE EMPOWER COMMITTE

                                               GOVERNMENT OF INDIA (BHARAT SARAKAR )
                                             MINISTRY OF RAILWAYS( RAIL MANTRALAYA)
                                                            ( RAILWAY BOARD )
No-ERB-1/2013/23/16.                                                         New Delhi, Dated25.03.2013 ( signed on 04/04/13)

                                                    ORDER

Ministry of Railway ( Railway Board ) have decided to constitute an Empowerd Committee to finalise a mechanism for a new formula for running allowance.The committee will consist of the following officers--

1.Excutive Director / Pay commission-I , Railway board                                      Convener
   Excutive Director / Mechanical Engg(Tr.)Railway Board                                    Member
  Excutive Director /Elect.Engg(RS),Railway Board                                              Member
  Excutive Director Traffic Transporation(F), Railway Board                                 Member
 Excutive Director Finance(Estt),Railway Board                                                   Member

2.The term of referance of the committee will be as under-
        a)To determine the quantam of pay element in running allowance and
        b)To review the exiting formula for calculation of rate of running allowance and evolve a new formula.

3.The HQ of the committee will be at New Delhi.

4.The committee should submit its report within a period of 3 ( three)months from the date of its constitution.

5.The convenor and Members of the committee will be eligible to draw TA/DA as admisible under the extant rules.

                                                                                                (J.M.S.RAWAT)
                                                                                      DEPUTY SECRETARY (Estt) -II
                                                                                              Railway Board.

COPY TO-
all including General Secretary AIRF/NFIR
Be alert by......... in coming storm my Dear Loco Pilots.

Friday, April 12, 2013

लोको पायलटो सावधान हो जाओ , रेलवे आप के अधिकारों को निगलने वाली है|

साथियों ...अप्रैल की पहली सप्ताह बहुत ही गहमा गहमी सी रही  | एक तरफ नयी दिल्ली में जॉइंट अधिवेशन ( आल इण्डिया लोको रनिंग स्टाफ असोसिएसन  और आल इण्डिया गार्ड काउन्सिल ) तो दूसरी तरफ रेल इलेक्शन  की तैयारी में फेडरेशन लोग | दिनांक - ०७.०४.२०१३ को अम्बेडकर भवन के एक प्रांगन में आल इण्डिया लोको रनिंग स्टाफ असोसिएसन और आल इण्डिया गार्ड कौंसिल का जॉइंट  अधिवेशन चला | जिसमे बहुत सी मुद्दों पर चर्चा हुयी | सभी ज़ोन के जोनल सचिओ ने अपने - अपने विचार प्रस्तुत किये | मुख्य रूप से चर्चा के विषय - ट्रेड यूनियन मतदान , संगठनात्मक रूप रेखा और रेलवे की अड़ियल  रवैया था |

इस सभा के दौरान एक सूचना उभर कर आई की , रेलवे ने एम्पोवेर कमिटी का गठन किया है , जो फिर से   रनिंग स्टाफ के पे- एलिमेंट और रनिंग अलाउंस के ऊपर गहराई से  विचार करेगा  और अपनी रिपोर्ट रेलवे को सौप देगा | दोस्तों यह आप सभी को मालूम होनी चाहिए की सरकारी कमिटी का गठन कर्मचारियों को  लाभ पहुँचाने  के लिए नहीं बल्कि लिपा - पोती और लाभ के हिस्से में कटौती करने के लिए की जाती है | ये ऐसा करने की तैयारी ही  है | क्या रेलवे बोर्ड आप की पे- एलिमेंट ३०% से १०% और रिटायर्मेंट लाभ को ५५% से २०% करने की तैयारी कर रहा है ? अगर ऐसा होता है , तो १९८० के फर्मुल्ले के अनुसार रनिंग अलाउंस भी कम हो जायेंगे |

इस एम्पोवेर कमिटी के पीछे यही मंशा है | इस अधिवेशन में इस कमिटी का विरोध करने का निर्णय पास हुआ | पूरी जानकारी की इंतजार है | अतः साथियों आप अपने को पहचानो और भूले भटके लोको पायलटो  को समझाओ की वह भी जान सके कि उनके साथ क्या होने वाला है | एक जॉइंट दल रेलवे बोर्ड में मेंबर स्टाफ से मिला क्युकी रेलवे मंत्री या अन्य मंत्री मौजूद नहीं थे और अपने ज्ञापन को पेश किये |  आज -कल रेलवे के संगठन स्वार्थी और चापलूस हो गए है | उन्हें कर्मचारियों के हितो की चिंता नहीं है | यही वजह है कि आम हड़ताल होने के समय , ये चूहों की भाक्ति  बिल में घुस जाते है |यही नपुंसकता की वजह से इन संगठनो ने २००८ में रनिंग अलाउंस को दोगुने रूप में स्वीकार कर ली और अपने हस्ताक्षर कर दिए | जब की टी.ये. को तीनगुने कर दिया गया |

दिनोदिन रनिंग स्टाफ के ऊपर रेलवे की आतंकवाद बढ़ते ही जा रही है | साथियों ...आप कमजोर नहीं हो | आप को अपने आन्दोलन की गति को तेज करनी पड़ेगी , जिससे आस - पास की सभी चीजे आप के पीछे दौड़ पड़ें |किन्तु हमें हमारे दोस्त ही धोका दे रहे है | उन दोस्तों की पहचान करनी पड़ेगी | उन संगठनो का वहिष्कार करना पड़ेगा , जो हमारे अधिकारों की अनदेखी करते है | किन्तु यह अकेले संभव नहीं है | इसके लिए पब्लिक को भी साथ में लेना होगा | आज हमें यह डर सता रहा है कि रेलवे सरकारी संस्था  रहेगी या नहीं ? हम सरकारी कर्मचारी कहलायेंगे या नहीं ?

बहुत सी चिंतन करने वाली बातें है | जो इस ब्लॉग के माध्यम से आप तक पहुँचाने का एक प्रयास रहेगा |एक या दो दिन के धरना से कुछ नहीं होने वाला ? आप को बदलना होगा ? आप अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आगे बढ़ें |आल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ असोसिएसन सदैव आप के हित के लिए प्रयास रत है | आयें शपथ  ले और कदम से कदम मिलाकर  अपनी आन्दोलन को ध्वनि प्रदान करें |

साथियों ....एक सजक सैनिक देश की रक्षा करता है | जो सो गया , वह खोने के लिए तैयार रहे | लोको पायलटो जागो ...जागो और ...जागो , अभी भी वक्त है |  अपने अधिकार को जानो , अन्यथा आप के हाथो में कुछ नहीं बचेगा |
       
( चित्र में -  कॉम .एम्.एन.प्रसाद जी सेक्रेटरी जनरल / ऐलरसा / सम्पूर्ण इण्डिया ..जंतर - मंतर पर पायलटो को  संबोधित करते हुए .दिनांक -०८.०४.२०१३.   )                                                                                     

Friday, March 29, 2013

नेशनल इंडस्ट्रियल ट्रिब्यूनल , रेलवे और आल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ असोसिएसन

रेलवे में कई ट्रेड उनियंस है , पर लोको पायलटो के प्रति सभी की  रवैया  संदेहास्पद रही है | किसी ने भी इनकी मांगो को गंभीरता और सकारात्मक रूप में नहीं लिया है | हार  - कर लोको पायलटो को अपनी अलग यूनियन बनानी पड़ी | जिसका नाम  आल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ असोसिएसन है | यह असोसिएसन ईमानदारी से लोको पायलटो के हित की बाते करती है | लोको पायलटो के मांगो को आकार देने के लिए , हमेशा ही आन्दोलन , धरना , ज्ञापन और संबैधानिक तरीके को अपनाया है |

प्रत्येक पे- कमीशन के दौरान लोको पायलटो के हितो हो नजर अंदाज किया गया | इन्हें दो प्रमुख ट्रेड यूनियन की मदद से , इनके वेतन को  निम्न से निम्न स्तर पर  निर्धारित किये गए | इन्होने हमारे ग्रेड को डिग्रेड कर दिया | नतीजतन हमारी लडाई जारी रही | इसी का नतीजा है कि लेबर मिनिस्ट्री ने हमारी मांगो को   निर्णायक न्याय दिलाने के लिए नेशनल इंडस्ट्रियल ट्रिब्यूनल का गठन किया | जो अपने आप में एक ऐतिहासिक निर्णय और घटना है | ये सब ऐलरसा के अनवरत आन्दोलन के परिणाम है |

दोस्तों आज - तक इस ट्रिब्यूनल में घटित घटनाओ की संक्षेप विवरण यहाँ प्रस्तुत कर रहा हूँ --

नेशनल इंडस्ट्रियल ट्रिब्यूनल / मुंबई |
२७.०१.२०१२.
 श्रम मंत्रालय / न्यू दिल्ली ने हमारे केश को नेशनल इंडस्ट्रियल ट्रिब्यूनल / मुंबई को सुपुर्द                             किया और अवकाश प्राप्त जज श्री गौरी शंकर श्राफ को इस ट्रिब्यूनल का अध्यक्ष नियुक्त   किया | यह एक ऐतिहासिक घटना थी |

१९.०२.२०१२
 आल इण्डिया लोको रनिंग स्टाफ असोसिएसन की वैठक कल्याण में आयोजित की गयी   और मांगो की विस्तृत प्रक्रिया को रूप देने का कार्य शुरू हो गया |

२५.०४.२०१२
 नेशनल इंडस्ट्रियल ट्रिब्यूनल की पहली वैठक , जिसमे आल इण्डिया लोको रनिंग स्टाफ  असोसिएसन की तरफ से कॉम एम्.एन.प्रसाद,एल.मोनी ,के.सी.जेम्स ,एम्.एम्.रोल्ली , आर  मुरली ,दी.एस.कोपरकर ,बडगुजर शामिल हुए | रेलवे अनुपस्थित रहा | जज ने अगली वैठक  ३१.०५.२०१२ को निश्चित की |

३१.०५.२०१२
 आल इण्डिया लोको रनिंग स्टाफ असोसिएसन की केन्द्रीय कमिटी ने अपने मांग की सूचि जज   के समक्ष जमा किये | इस दिन भी रेलवे गैरहाजिर रहा |

०२.०७.२०१२
 ऐलरसा का केन्द्रीय कमिटी ने  एडवोकेट टी.सी.गोविन्द स्वामी के नेत्रित्व में   अपनी  affidavit को जमा किए |  इस दिन भी रेलवे ने भाग नहीं लिया |

०६.०८.२०१२
 रेलवे एडवोकेट उपस्थित हुआ | ऐलरसा ने अपने पक्ष को रखा | रेलवे ने समय की मांग की |

२१.०८.२०१२
कॉम एम्.एन.प्रसाद उपस्थित हुए | जज साहब छुट्टी पर थे | अतः अगली  सुनवाई  की तारीख  १८.०९.२०१२ को तय की गयी |

१८.०९.२०१२
 कॉम एम्.एन.प्रसाद शामिल हुए |रेलवे का वकील दो महीने का समय माँगा |न्यायाधीश साहब ने रेलवे को ८ अक्टूबर २०१२ तक का समय निर्धारित किया |

०८.१०.२०१२
रेलवे का वकील शामिल नहीं हुआ क्यूँ की उसकी माँ की हालत नाजुक थी और वह हॉस्पिटल में  भारती है | अन्य वकील शामिल हुआ जिसे पूरी केश मालूम नहीं थी और  एक बार फिर समय की मांग रखी | अगली वैठक की तिथि ०५.११.२०१२ को तय की गयी |

०५.११.२०१२
इस बार जज साहब उपस्थित नहीं हुए | अगली वैठक २६.११.२०१२ को तय हुयी |

२६.११.२०१२
 जज साहब ने ex-prate की निश्चय लिया | रेलवे की आनाकानी शुरू हुयी | पंक्षी हाथ से उडता  नजर आया | रेलवे ने कार्यवाही में मदद की सक्रियता  जताई | जज ने ऐलरसा के ऊपर निश्चय  छोड़ दिया |  कॉम कोपरकर साहब ने पूरी निर्णय लेने में अपनी असहमति  जताई |  क्योकि कॉम  एम्.एन.प्रसाद जी की अनुपस्थिति में निर्णय करना गलत होगा | अगली तारीख ०७.०१.२०१३  निर्धारित |

०५/०६.०१.२०१३
ऐलरसा के केन्द्रीय कार्यकारिणी की वैठक कल्याण में आयोजित हुयी | इसमे अगली आन्दोलन और नेशनल इंडस्ट्रियल ट्रिब्यूनल के परिणामो पर चर्चा हुयी | 

०७.०१.२०१३
ऐलरसा ने जज साहब से ex-prate का निर्णय लेने का अनुरोध किया क्योकि रेलवे अपनी  आदत से वाज नहीं आने वाला | कोई निर्णय नहीं हो पाया | अगली वैठक २१.०१.२०१३ को निश्चित हुयी | 

२१.०१.२०१३
ऐलरसा और  रेलवे का वकील भी भाग लिया | जज साहब ने ex-prate निर्णय को अलग रखते हुए  रेलवे को और समय देने की निर्णय जाहिर की  वशर्ते रेलवे  ४०००/- रुपये जुरमाना भरे और बिना देर किये अपने लिखित  जबाब  दिनांक -११.०३.२०१३ को  अगली सुनवाई के दौरान  जमा कराये | 

११.०३.२०१३
.रेलवे ने करार के मुताबिक रुपये  ४०००/-का चेक और अपनी जबाब को जमा किया |इस तरह से  एक लम्बी लूकाछिपी का खेल , एक किनारे पर पहुंचा | अब अगली सुनवाई दिनांक -१८.०४.२०१३ से चालू होगी | देखना है ऊंट किस करवट बैठता है |

लोको पायलटो की एकता जिंदाबाद |
 काम करते रहो और लड़ते रहो |
 सदैव चलाना ही जिंदगी है |
                        


                        

Monday, March 25, 2013

कितनी विडम्बना है ...यह ...

कितनी विडम्बना है ,हमारे देश में | एक तरफ जहाँ संजय दत्त को जेल की सजा सुनाते  ही ....कई बड़ी हस्तिया , चाहे राजनीति हो या फिल्मिजगत , बचाव  में आ खड़ी हुयी और तरह - तरह के धाराओ की हुलिया देते हुए , माफी की वकालत करने लगे | वही देश में हजारो लोग रोजाना अव्यवस्था के शिकार हो रहे है | न्याय से वंचित हो जाते है , उनके सपोर्ट में बोलने वाले नगण्य  है |

सहायक लोको पायलट एस.के.मोहंता के आत्महत्या के बाद , विरले ही लोग भर्तसना करने के लिए आगे आयें |वह भी एक इन्सान था , जो प्रशासनिक दुर्व्यवस्था का शिकार हो गया था | यदि समय से उचित न्याय मिलती तो उसके साथ यह घटना नहीं घटती | एक पिता के जिगर का टुकड़ा था वह | उसके पिता की मृत्यु , माँ की स्थिति दयनीय , जो अस्पताल में निश्चेत पड़ी है | दो फूल से बच्चे और उसकी विधवा पत्नी से कोई पूछे , उनका क्या कसूर था ? जो इस दशा को झेल रहे है | एक व्यक्ति की दशा के लिए - पुरे परिवार को  सजा क्यूँ ?

एक गलती के लिए ---इतनी कठोर सजा कही नहीं उपलब्ध है | हत्या   , लूट , जघन्य अपराध और रेप करने वाले कई परिस्थितियों की वजह से अलग - अलग सजा पाते है | फिर लोको पायलट ---लाल बत्ती को पार करते ही ---केवल एक ही सजा क्यों ? उसकी भी परिस्थितिया अलग - अलग होती है | क्या  यह जरूरी नहीं  है की इस गलती के लिए , सजा के अलग -अलग पैमाने हो ?  ये पैमाने नुकसान के अनुरूप हो | कम के लिए कम और ज्यादा के लिए ज्यादा | लोको पायलट अपेक्षित क्यूँ है ? अधिकारियो को सजा क्यूँ नहीं , जो अमानवीय तरीके अपनाते हुए लोको पायलटो को कोल्हू का बैल समझते है | 

आज भी हमें सोंचने की जरूरत है | लोको पायलटो को जागरूक होना ही होगा | अन्यथा परिणाम सभी को भुगतने के लिए तैयार रहने पड़ेंगे | कब तक हम चुप रहेंगे ? मूकदर्शक बन देखते रहेंगे ? साथियों !  आप की नौकरी और जीवन दोनों दाव/खतरे में   है | अब आप को निर्णय करना  है कि आप को क्या चाहिए - न्याय या  प्रशासनिक तिरस्कार |

 लोको पायलटो ---समय आ गया है आगे बढ़ो और अपने अधिकार को छीन लो |
क्या आप के पास एक मिनट समय नहीं है कि अपने क्रू लॉबी के सामने  स्वर्गीय एस.के.मोहंता के याद में एक शोक सभा का आयोजन कर सके ?

कृपया इस मैसेज को निम्न नंबर पर भेंजने की कष्ट कीजिये |

" WE ARE DEEPLY SHOCKED AT THE  SUICIDAL DEATH OF  S.K.MOHANTA. ALP/BONDAMUNDA, S,E.RLY ON 19.03.13, WHO HAD BEEN REMOVED FROM HIS RLY. SERVICE AFTER SIGNAL PASSING AT DANGER(SPAD) AT JHARSUGUDA . ON SEEING HIS SON'S DEAD BODY, HIS FATHER GOT HEART ATTACT AND FINALLY DIED ON THE SAME NIGHT.
WE SYMPATHISE WITH THE DECEASED FAMILY MEMBERS. [ OLD MOTHER,WIFE, TWO LITTLE BLOOMING FLOWERS(CHILDREN)]"

Send a SMS against SPAD TO these officials-CRB-09717641555
Mem.mech-09810099317
MEM.ELECT-09716476000
Ad.Mem.Safety-09818798390
GM SECR-09752475000
GM SER-09002080000
CEE-09752475300
CSO-09752475550
CLE-09752475301
CME-09752475400, Dy.CME-09752475407 ,DRM/BSP-09752876000,ADRM/BSP-09752876001 DRM/R-09752877000,DRM/NGP-09730078000,DRM/R-09752877000,DRM/NGP-09730078000 DRM/BSP-09752876000, ADRM/BSP-09752876001,DRM/R-09752877000, DRM/NGP09730078000

 बिना किसी भेद - भाव के अपने लॉबी के सामने विरोध प्रदर्शन का आयोजन कीजिये | अपनी आवाज को बुलंद करे और रेलवे को मजबूर करें कि वह अपने ही घोषित ५८ ( SPAD )सूत्री सुझाव को जल्द लागू करे |

लोको पायलट एकता जरूरी है अन्यथा खोने के लिए तैयार रहें |

Wednesday, March 20, 2013

सहायक लोको पायलट ने आत्महत्या कर ली |

जीवन कितना कष्टकर है | आये दिन आत्महत्या की खबर आते ही रहती है | मनुष्य कितना निर्मम हो जाता है | दिमाग में शून्य की प्रक्रिया बड़ी भयावह होती है | व्यक्ति क्या करने जा रहा है कि सुध बुध नहीं रहती |

आज ( २०.०३.२०१३) मुझे मनोज कुमार लोको पायलट / सियालदह की एस.एम्.एस प्राप्त हुयी है | जिसके अनुसार - एस.के.मोहंता सहायक लोको पायलट /बी एन डी एम् ने कल आत्महत्या कर ली है | वह जब गाड़ी संख्या -८००६ डौन को कार्य करते हुए जा रहा था , तो दुर्भाग्य वस् लाल बत्ती वाले सिग्नल को पार कर गए | दोशानुसार उसे रेलवे की नौकरी से  निकाल  दिया गया था  | यह दर्द असहनीय बन गयी थी और उसने इस राह  को अपना लिया , जैसा की लोगो की  जुबान  पर चर्चा है |

दुःख की घडी यही ख़त्म नहीं हुयी | उसके पिता जी  उसके  छत -विछत शव को न देख सके और अचानक ह्रदय गति रुकने से उनकी भी मौत हो गयी | इस आकस्मिक दुर्घटना के बाद लोको पायलटो में क्षोभ व्याप्त है |  कितनी दुर्दिन पल है , जब किसी के  घर से एक नहीं दो - दो शव निकल रहे हो | यह एक  अमानुषिक दंड की उदहारण  है | 

आल इण्डिया लोको रनिंग स्टाफ असोसिएसन इस तरह की अमानुषिक दंड  की घोर निंदा करती है | सारा रनिंग स्टाफ इस दुःख की घडी में उनके परिवार के साथ एक जुट खड़ा है | भगवान उनके परिवार जनो को   दुःख बर्दास्त करने की शक्ति दें | 

दिनांक  २१.०३.२०१३ को १०.०० बजे शोक सभा का आयोजन बी एस.पि / लॉबी में बुलाई गयी है |

Monday, March 18, 2013

लोको पायलट और इंटेंसिव

आर.एस पांडियन .लोको पायलट / मदुरै / दक्षिण रेलवे तथा भूतपूर्व जोनल सेक्रेटरी / आल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ असोसिएसन / दक्षिण रेलवे को भला कौन नहीं जानता |एक साधारण सा मानव , जो हमेश एक सदा जीवन में विश्वास रखते है | उनके संघर्षमय जीवन और  अटूट  योगदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता है | ऐलरसा के एतिहासिक लडाई के अगुआ , क्रन्तिकारी विचारों के मालिक  , हमेश श्रमिको के बारे में सोंचना और उनके अधिकारों के बारे में ही चिंतन करना , उनके जीवन का लक्ष्य रहा है | वे सतत कार्यशील है | हमेश ही लोको पायलटो की समस्यायों को नजदीक से देखा है | उन्हें  आज भी मदुरै  लोको पायलट पितामह के नजर से आदर करते  है | मै जब भी मदुरै गया ,वे मुझसे आ कर रेस्ट रूम / लॉज में मिल कर जाते थे | अभी भी मुझसे संपर्क में रहते है | अगर किसी को उनके संपर्क का मोबाइल नंबर की आवश्यकता है , तो मै दे सकता हूँ | 

वे कई बार गुंतकल आ चुके है | पिछली बार जब मै मदुरै गया था , तो उन्होंने कहा था कि मै लोको पायलटो को इंटेंसिव श्रेणी में देखना चाहता हूँ और मरते दम तक अपने प्रयास को नहीं छोडूंगा | वे फर्राटे से इंग्लिश बोल लेते है | मुझे आश्चर्य तब हुआ , जब उन्होंने मुझे एक  हस्त लिखित कॉपी सुपुर्द की , जो बिलकुल हिंदी में लिखी हुयी थी | मै आश्चर्य चकित रह गया , वे तुरंत मेरे संदेह को भांप गएँ और अपने आप कहने लगे  कि ये हस्त लिपि उनकी ही है | जी हाँ वह हिंदी फर्राटे से नहीं बोल सकते , पर लिख लेते है | आज भी वह कॉपी मेरे फाईल में सुरक्षित है |

उन्होंने रीजनल लेबर कमिसनर / मदुरै को एक चिट्ठी लिख कर अर्जी दी की लोको पायलटो को इंटेंसिव स्वीकार किया जाय | रीजन लेबर कमिसनर ने गहन जांच पड़ताल की | मदुरै मंडल के सभी लॉबी में जाकर लोको पायलटो से साक्षात्कार किये | ऐलरसा . रेलवे और रीजनल लेबर कमिसनर के साथ कई वैठक हुए और अंत में रीजनल लेबर कमिसनर / मदुरै ने अपनी फैसले को पास करते हुए कहा की रेलवे को लोको पायलट की श्रेणी को इंटेंसिव ही माने और इसे जल्द ही पारित करे |

मंडल रेल प्रबंधक / मदुरै ने इस आज्ञा/आर्डर को इंकार करते हुए , रीजनल लेबर कमिसनर / चेन्नई को अपील की  | रीजनल लेबर कमिसनर / चेन्नई ने भी मदुरै के आर्डर को सुरक्षित रखा | एक बार फिर कॉम आर.एस.पांडियन जी के पक्ष में फैसला आया | अब  गेंद  जनरल मैनेजर / दक्षिण रेलवे के हाथ में था कि इस फैसले को अमल में लाये | किन्तु हुआ उल्टा | एक बार फिर जनरल मैनेजर ने उपरी कमिसनर को अपील की | इस बार अपीलेट अथॉरिटी जॉइंट सेक्रेटरी / श्रमिक एवं संसाधन मंत्री थे | 

अतः दिनांक  १८ फरवरी २०१३ को चेन्नई में तीन  पक्ष ( ऐलरसा , जी.एम् और जॉइंट सेक्रेटरी ) के बीच  बैठके / सुनवाई हुयी | एक बार फिर गहन जाँच और तर्क के बाद , जॉइंट सेक्रेटरी ने अपने फैसले  को जारी किया और कहा की लोको पायलटो को इंटेंसिव श्रेणी में ही रखा जाए और ऐलरसा के मांग को उचित ठहराया | एक बार फिर रेलवे को मुह की खानी पड़ी |

दोस्तों  अब  आगे देंखे  रेलवे कौन सा  कदम उठता है ? 

कॉम आर.एस.पांडियन जी की प्रयास जारी है | समय की मांग है कि हम सभी मिलकर एकता को बनाये रखे और इस संघर्षमय क्षण में सभी एक साथ जोर लगायें |

ऐलरसा जिंदाबाद |


( अगली रिपोट नेसनल इंडस्ट्रियल ट्रिब्यूनल / मुंबई की  जो दिनांक  ११.०३.३०१३ को हुयी |)
इस लिंक को भी पढ़ सकते है -- www.gorakhnathbalaji.blogspot.com 

Monday, February 11, 2013

Matter for Inland letter




From                                                                          Place:
------------------                                                    Date:
          ------------------
To
          The General Manager
            ___________ Railway,
         

Respected Sir,

          Sub: Implementation of Railway Board Directives to minimize SPAD

          I am a member of loco running staff of this Railway. Being the traveler of the leading vehicle, I would be the first victim of any accident. In case life is spared, myself and my family have to bare the shame but also loose the livelihood. Hence my representative union has been continuously voicing for safety augmentation in Railways in the yester years.

          So I look hopefully on directives given by Railway Board vide its letter no 2004/m(l)/446/7101 dated 14.06.12. Regarding design of locomotives signal system, working condition, training etc. from the experience as a running man, I request your good self to give prime importance to the following subjects among the 58 directives contained in the RB letter referred above.

A2 Improve driving cabs with uniform design, Sound proofing and air conditioning
A7 Improvement of LP seats
B4 Allow calendar day rest every week to enable staff to fulfill family obligation.
C5 Minimize longer hours of crew by relieving them hiring road vehicles.
C6 Limit Continues night duty to 2/3 and duty hours in night to 6 hours
C16 Liberalize rest at HQ and at outstation.
D8 Allow one day duty at HQ every month for proper Counseling and monitoring.
E3 Limit maximum duty hours of EXP/PASS crew to 6 hours.
E16 Reduce stress levels-give protection from prosecution in case of accidents and animal run over

I earnestly hope for a speedy action from your good office
                                     
                                                                                      Your s faithfully

                                                                            
                                                                                   (                       )
(As preapare by Com.C.Sunish ZS/SWR/Bangaluru )

Thursday, January 24, 2013


Get your clock at CompleteMyspace.com

                     ALL  INDIA LOCO RUNNING  STAFF  ASSOCIATION
       Regd.No: 17903                     Guntakal  Divisions                        H.Q: Aravindapalli, Adra (W.B)  
           President: S.GANGADHARAN                                                              Secretary: G.N.SHAW
                                                                                                                       Email: shaw.lpm@rediffmail.com                                                                                       
_____________________________________________________________________________________
Lr.No: DS/GTL. 02/24/01/2013                                                    GUNTAKAL.     

To
The Divisional Railway Manager
GUNTAKAL DIVISION
Guntakal.(SCRly)

Sir.
                    Sub-Passenger working in underrest & hardship.
                    Ref-GTL.Branch resolution dated-10/12/2012.

                    Here once again necessary your attention please. Cut off Tr. No. 57437/57438(GTL-HUP-GTL) at  DMM since crew are not able to avail sufficient rest at HUP because after working train number 57437 , Crew has to perform shunting at HUP yard ,  Crew has to wait for shunting movements for hours together, Sometimes it will take 3 to 4 hrs., More ever it is regular practice that the LP (P) of GTL Depot has been forced to perform shunting at  HUP yard and  Force to work the Tr.No.57438 in under rest.  It’s nothing but a real /Practical harassment to GTL crew at HUP. AILRSA strictly demands cut of Tr. No. 57437/57438 at DMM (or) Provide shunter at HUP yard.

                          So It is high time and your action , in this regard is expected urgently pl.

Copy to-
Branch secretary/GTL.

:                                                                                                                                      (G.N.SHAW)
                                                                                                                        DIVISIONAL SECRETARY .